Notes

मुगल काल में धार्मिक शिक्षा के विद्यार्थियों को ‘आमिल’ की उपाधि दी जाती थी।

मुगल काल में धार्मिक शिक्षा के विद्यार्थियों को ‘आमिल’ की उपाधि दी जाती थी।