मॉर्ले-मिंटो सुधार अधिनियम

मॉर्ले मिंटो सुधार अधिनियम ने प्रेसिडेंसी कॉरपोरेशन, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, विश्वविद्यालयों और जमींदारों के लिए अलग प्रतिनिधित्व का भी प्रावधान किया था।

मॉर्ले-मिंटो सुधार अधिनियम के द्वारा भारत में प्रादेशिक चुनाव हेतु व्यावसायिक और साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व प्रणाली को अपनाया गया था।

मॉर्ले-मिंटो सुधार अधिनियम ने पृथक् निर्वाचन के आधार पर मुस्लिमों के लिए सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया था।

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