महात्मा गांधी

‘इण्डियन ओपिनियन समाचार पत्र’ के संस्थापक महात्मा गांधी थे।

‘कराे या मराे’ का नारा महात्मा गांधी ने दिया था।

‘खेड़ा’ किसान आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था।

‘गांधी-इर्विन समझौते’ से महात्मा गांधी जी किस सम्मेलन में भाग लेने को तैयार हो गये थे?

‘गांधी-इर्विन समझौते’ से महात्मा गांधी जी द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए तैयार हो गये थे।

‘चम्पारण’ किसान आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था।

‘नवजीवन समाचार पत्र’ के संस्थापक महात्मा गांधी थे।

‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान लुई फिशर महात्मा गांधी के साथ थे।

‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के प्रारम्भ होते ही (09 अगस्त, 1942 ई०) महात्मा गांधी जी को गिरफ्तार कर लिया गया था।

‘भारत छोड़ो’ का नारा महात्मा गांधी ने दिया था।

‘भारत छोड़ो’ का प्रस्ताव महात्मा गांधी ने किन-किन के सहयोग से बनाया था?

‘भारत छोड़ो’ का प्रस्ताव महात्मा गांधी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू और अबुल कलाम आजाद के सहयोग से बनाया था।

‘महात्मा गांधी’ ने कांग्रेस के लिए किस अधिवेशन में अध्यक्षता की थी?

‘महात्मा गांधी’ ने कांग्रेस के लिए बेलगांव अधिवेशन में अध्यक्षता की थी।

‘यंग इण्डिया पत्रिका’ के संस्थापक महात्मा गांधी थे।

‘यह एक ऐसा चेक था, जिसका बैंक पहले ही नष्ट हो जाने वाला था’ यह महात्मा गांधी ने कहा था।

‘हमने घुटने टेककर रोटी-माँगी, किन्तु उत्तर में हमें पत्थर मिले’ यह महात्मा गांधी ने कहा था।

‘हरिजन समाचार पत्र’ के संस्थापक महात्मा गांधी थे।

‘हरिजन सेवक संघ’ के संस्थापक महात्मा गांधी थे।

‘हे राम’ का नारा महात्मा गांधी ने दिया था।

1904 ई० में महात्मा गांधी ने डरबन में किस फार्म की स्थापना की थी?

1904 ई० में महात्मा गांधी ने डरबन में फीनिक्स फार्म की स्थापना की थी।

1915 ई० में दक्षिण अफ्रीका से लौटकर महात्मा गांधी ने किसे अपना राजनीतिक गुरु बनाया था?

1915 ई० में दक्षिण अफ्रीका से लौटकर महात्मा गांधी ने गोपालकृष्ण गोखले को राजनीतिक गुरु बनाया था।

1922 ई० में महात्मा गांधी के द्वारा यह उद्गार व्यक्त किया गया कि ‘भारतीय संविधान भारतीयों की इच्छानुसार होगा’।

The Belgaum session (1924) of the Indian National Congress was presided by Mahatma Gandhi.

असहयोग आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था।

असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी जी ने ‘केसर-ए-हिन्द’ की उपाधि वापस कर दी थी।

असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी जी ने कौन सी उपाधि वापस कर दी थी?

अहमदाबाद टेक्सटाइल लेबर एसोसिएशन के संस्थापक महात्मा गांधी थे।

कलकत्ता (1928 ई०) के कांग्रेस अधिवेशन में नेहरू रिपोर्ट पर उत्पन्न मतभेद की स्थिती को महात्मा गांधी जी के हस्तक्षेप से सुलझाया गया था।

किस ब्रिटिश वायसराय के मिलने से इंकार के कारण महात्मा गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रारम्भ किया था?

गांधी जी के नमक कानून तोड़ने की घटना (1930 ई०) को किस आंदोलन का प्रारम्भ हुआ था?

गांधी जी के नमक कानून तोड़ने की घटना (1930 ई०) से सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रारम्भ हुआ था।

गोपाल कृष्ण गोखले को महात्मा गांधी जी अपना राजनीतिक गुरु मानते थे।

चौरी-चौरा की घटना के समय महात्मा गांधी कहां पर सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ करने की तैयारी कर रहे थे?

चौरी-चौरा की घटना के समय महात्मा गांधी बारदोली (गुजरात) में सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ करने की तैयारी कर रहे थे।

डॉ. बी. आर. अंबेडकर और महात्मा गांधी के मध्य सन् 1932 में हस्ताक्षरित पूना समझौते में क्या प्रावधान था?

डॉ. बी. आर. अंबेडकर और महात्मा गांधी के मध्य सन् 1932 में हस्ताक्षरित पूना समझौते में हरिजनों के लिए आरक्षण सहित संयुक्त निर्वाचन क्षेत्र का प्रावधान था।

दलित वर्ग को पृथक निर्वाचक मण्डल की सुविधा दिये जाने के विरोध महात्मा गांधी ने 20 सितम्बर, 1932 ई० को प्रारम्भ कर दिया था।

दलित वर्ग को पृथक निर्वाचक मण्डल की सुविधा दिये जाने के विरोध महात्मा गांधी ने कब आमरण अनशन प्रारम्भ कर दिया था?

द्वितीय गोलमेज सम्मेलन के बाद भारत आकर महात्मा गांधी जी किस वायसराय से मिलने गये थे?

द्वितीय गोलमेज सम्मेलन के बाद भारत आकर महात्मा गांधी जी वायसराय बेलिंगटन से मिलने गये थे।

द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था।

नाथूराम गोड़से ने महात्मा गांधी जी को 30 जनवरी, 1948 ई० को गोली मारी थी।

नाथूराम गोड़से ने महात्मा गांधी जी को गोली कब मारी थी?

फिल्म ‘गाँधी’ में महात्मा गाँधी की भूमिका ‘बेन किंग्जले’ ने निभाई थी।

फिल्म ‘गाँधी’ में महात्मा गाँधी की भूमिका किसने निभाई थी?

ब्रिटिश सरकार (1919 ई०) ने महात्मा गांधी जी को किन राज्यों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था?

ब्रिटिश सरकार की दमनात्मक नीति के विरूद्ध आगा खां पैलेस में महात्मा गांधी जी ने 10 फरवरी, 1943 ई० को उपवास की घोषणा की थी।

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