क्रांतिकारी

‘काकोरी-काण्ड’ में किन-किन क्रांतिकारियों को फांसी की सजा दी गई थी?

उत्तर भारत में भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और चन्द्रशेखर आजाद के मृत्यु के बाद किस क्रांतिकारी संस्था की गतिविधियों का सदैव के लिए अंत हो गया था?

क्रांतिकारियों ने डॉ. सनयात सेन को अपनी सरकार का अध्यक्ष 29 दिसम्बर, 1911 ई० को चुना था।

क्रांतिकारियों ने डॉ. सनयात सेन को अपनी सरकार का अध्यक्ष कब चुना था?

क्रांतिकारी (एच. आर. ए.) संस्था द्वारा ट्रेन पर डकैती डालकर सरकारी खजाना कहां लूटा गया था?

क्रांतिकारी (एच. आर. ए.) संस्था द्वारा ट्रेन से सरकारी खजाना लूटने की घटना 9 अगस्त, 1925 ई० को घटित हुई थी।

क्रांतिकारी (एच. आर. ए.) संस्था द्वारा ट्रेन से सरकारी खजाना लूटने की घटना कब घटित हुई थी?

क्रांतिकारी (एच. आर. ए.) संस्था द्वारा ट्रेन से सरकारी खजाना लूटने की घटना किस नाम से चर्चित है?

क्रांतिकारी आंदोलन दूसरी धारा में कहां विकसित हुआ था?

क्रांतिकारी आंदोलन पहली धारा में कहां-कहां विकसित हुआ था?

क्रांतिकारी समाजवादी दल की स्थापना 1942 ई० में हुई थी।

क्रांतिकारी समाजवादी दल की स्थापना कब हुई थी?

क्रांतिकारी समाजवादी दल की स्थापना कलकत्ता में हुई थी।

क्रांतिकारी समाजवादी दल की स्थापना कहां हुई थी?

क्रांतिकारी समाजवादी दल की स्थापना किसने की थी?

क्रांतिकारी समाजवादी दल की स्थापना सौम्येन्द्र नाथ टैगोर ने की थी।

क्रांतिकारी संस्था ‘हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (एच. आर. ए.) की स्थापना कब हुई थी?

क्रांतिकारी संस्था ‘हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (एच. आर. ए.) की स्थापना कहां हुई थी?

क्रांतिकारी संस्था ‘हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (एच. आर. ए.) की स्थापना किन-किन लोगों ने की थी?

गांधी जी के असहयोग आंदोलन समाप्त हो जाने के बाद क्रांतिकारी आंदोलन कितनी धाराओं में विकसित हुआ था?

गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन (1922 ई०) समाप्त करने के पश्चात् उत्साही नवयुवक क्रांतिकारी गतिविधियों की ओर उन्मुख हुए थे।

ब्रिटिश सरकार ने ‘काकोरी-काण्ड’ के षड्यन्त्र में शामिल कितने क्रांतिकारियों को अभियुक्त बनाया था?

ब्रिटिश सरकार में लाहौर के सहायक पुलिस अधीक्षक साण्डर्स की हत्या किन-किन क्रांतिकारियों ने की थी?

भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद व राजगुरु द्वारा सहायक पुलिस अधीक्षक ‘साण्डर्स’ की हत्या किस क्रांतिकारी संस्था की गतिविधि थी?

भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों का सूत्रपात 1897 ई० में कहां हुआ था?

भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों का सूत्रपात 1897 ईसवी में महाराष्ट्र में हुआ था।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के द्वितीय चरण में क्रांतिकारियों ने बाल गंगाधर तिलक के किस नारे को अपना आर्दश घोषित किया था?

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के द्वितीय चरण में क्रांतिकारियों ने बाल गंगाधर तिलक के नारे ‘अनुनय विनय नहीं अपितु युयुत्सा’ को अपना आर्दश घोषित किया था।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के द्वितीय चरण में क्रांतिकारी आतंकवाद के प्रमुख केन्द्र कौन-कौन थे?

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के द्वितीय चरण में क्रांतिकारी आतंकवाद के प्रमुख केन्द्र बंगाल, पंजाब एवं महाराष्ट्र थे।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के द्वितीय चरण में स्वदेशी एवं क्रांतिकारी आतंकवाद आन्दोलनों का सूत्रपात हुआ था।

रौलेट एक्ट क्रांतिकारी राष्ट्रीय भावनाओं को कुचलनें के लिए बनाया गया था।

विदेश में भारतीय क्रांतिकारी संगठन ‘अभिनव भारत’ के संस्थापक कौन थे?

विदेश में भारतीय क्रांतिकारी संगठन ‘अभिनव भारत’ के संस्थापक वी. डी. सावरकर थे।

विदेश में भारतीय क्रांतिकारी संगठन ‘इंडिया इंडिपेंडेंस लीग’ के संस्थापक कौन थे?

विदेश में भारतीय क्रांतिकारी संगठन ‘इंडिया इंडिपेंडेंस लीग’ के संस्थापक तारकनाथ दास थे।

विदेश में भारतीय क्रांतिकारी संगठन ‘इण्डिया हाउस’ के संस्थापक कौन थे?

विदेश में भारतीय क्रांतिकारी संगठन ‘इण्डिया हाउस’ के संस्थापक श्याम कृष्ण वर्मा थे।

विदेश में भारतीय क्रांतिकारी संगठन ‘गदर पार्टी’ के संस्थापक कौन थे?

विदेश में भारतीय क्रांतिकारी संगठन ‘गदर पार्टी’ के संस्थापक लाला हरदयाल थे।

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