मूत्रमार्ग

नर के सहायक जनन तन्त्र …

नर जनन तन्त्र …

नर मूत्रमार्ग में कूट स्तरित उपकला पायी जाती है।

नर मूत्रमार्ग में कौन-सी उपकला पायी जाती है?

प्रोस्टेट ग्रन्थि मूत्रमार्ग के चारों ओर स्थित होती है।

बल्बोयूरेथ्रल ग्रन्थियाँ मूत्रमार्ग में खुलती है।

मूत्र मूत्रमार्ग द्वारा शरीर के बाहर निकलता है।

मूत्रमार्ग (Urethra) एक संकरा मार्ग है जिससे प्राणियों के शरीर से यूरिन बाहर निकाली जाती है अर्थात् यूरिन जिस मार्ग से शरीर के बाहर निकलती है उसे मूत्रमार्ग कहते है।

मूत्रमार्ग का कार्य क्या है?

मूत्रमार्ग का कार्य शरीर में उपस्थित मूत्र तथा वीर्य को शरीर से बाहर निकालना है।

मूत्रमार्ग काउपर ग्रन्थियों द्वारा स्त्रावित क्षारीय द्रव के कारण क्षारीय होता है।

मूत्रमार्ग किस कारण क्षारीय होता है?

मूत्रमार्ग के चारों ओर कौन-सी ग्रन्थि पायी जाती है?

मूत्रमार्ग के चारों ओर प्रोस्टेट ग्रन्थि पायी जाती है।

मूत्रमार्ग क्या है?

मूत्राशय का आखिरी भाग मूत्रमार्ग है।

वीर्य मूत्रमार्ग द्वारा शरीर के बाहर निकलता है।

शिश्न का शाफ्ट मूत्रमार्ग के द्वारा घिरा होता है।

शुक्राशय का आखिरी भाग मूत्रमार्ग है।

स्तनधारियों में शुक्राणुओं के पथ …

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