सुल्तान

अलफांसो-डी-अल्बुकर्क ने 1510 ई० में गोवा को किस सुल्तान से जीता था?

अलफांसो-डी-अल्बुकर्क ने 1510 ई० में गोवा को बीजापुर के सुल्तान युसुफ आदिलशाह से जीता था।

इल्तुतमिश ने सुल्तान के पद को वंशानुगत बनाया था।

किसके निधन पर बदायूंनी ने लिखा था कि ‘सुल्तान को उसकी प्रजा से और प्रजा को अपने सुल्तान से मुक्ति मिल गई’?

कुतुबुद्दीन ऐबक को गौर के सुल्तान गयासुद्दीन महमूद ने दासता से मुक्त कर दिया था।

कुतुबुद्दीन ऐबक को सुल्तान के रुप में कब मान्यता मिली थी?

खिज्र खाँ ने सुल्तान की उपाधि न धारण कर के कौन सी उपाधि धारण की थी?

खिज्र खाँ ने सुल्तान की उपाधि न धारण कर के रैय्यत-ए-आला की उपाधि धारण की थी।

खिलजी शासन में न्याय का उच्चतम न्यायाधीश सुल्तान होता था।

चांदबीबी का विवाह बीजापुर के अली आदिलशाह से हुआ था।

चांदबीबी का विवाह बीजापुर के किस सुल्तान से हुआ था?

दिल्ली सल्तनत के सभी सुल्तानों में मुहम्मद बिन तुगलक सर्वाधिक शिक्षित, विद्वान और योग्य शासक था।

फरीद खाँ बिहार के किस सुल्तान के यहां नौकरी करता था?

फरीद खाँ बिहार के सुल्तान मुहम्मद शाह नुहानी के यहां नौकरी करता था।

बरनी के अनुसार सल्तनत सेना के अंगों का प्रधान का क्रमवार वर्गीकरण सुल्तान, खान, मलिक, अमीर, सिपहसालार और सरखेल था।

बरनी के अनुसार सल्तनत सेना के अंगों का प्रधान का क्रमवार वर्गीकरण सुल्तान, खान, मलिक, अमीर, सिपहसालार और सरखेल था।

बरनी के अनुसार सल्तनत सेना में 10 सभा खानों का प्रधान (सर्वोच्च सेनापति) सुल्तान कहलाता था।

बलबन ने 1246 ई० में मसूदशाह के स्थान पर नासिरुद्दीन महमूद को सुल्तान बनाया था।

बलबन ने अपनी पुत्री की शादी किस सुल्तान से की थी?

बलबन ने अपनी पुत्री की शादी सुल्तान नासिरुद्दीन से की थी।

बलबन ने मसूदशाह के स्थान पर नासिरुद्दीन महमूद को सुल्तान 1246 ई0 में बनाया था।

बलबन सुल्तान बनने के बाद शराब एवं भोग विलासों को त्याग दिया था।

भारत का एक मात्र सुल्तान इब्राहिम लोदी था। जो युद्धभूमि में मारा गया था।

भारत का एक मात्र सुल्तान कौन था जो युद्धभूमि में मारा गया था?

भारत के मुसलमान तुर्की के सुल्तान को खलीफा मानते थे।

महमूद गजनवी ने बगदाद के खलीफा कादिर से सुल्तान पद की मान्यता प्राप्त की थी।

मुहम्मद बिन तुगलक के निधन पर बदायूंनी ने लिखा था कि ‘सुल्तान को उसकी प्रजा से और प्रजा को अपने सुल्तान से मुक्ति मिल गई’।

सल्तनत काल में सर्वोच्च सेनापति एवं सर्वोच्च न्यायाधीश सुल्तान होता था।

सुल्तान का अधिकार कम करने के लिए नायक नामक (नायब-ए-मामलिकात) नये पद का गठन किया गया था।

सुल्तान बनने से पूर्व इल्तुतमिश कहां के सूबेदार के पद पर था?

सुल्तान बनने से पूर्व इल्तुतमिश बदायूं के सूबेदार के पद पर था।

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