समय

उत्तर वैदिक काल का समय 1000 ईसा पूर्व था।

ऋग्वैदिक काल का समय 1500 ईसा पूर्व था।

किस आकाशीय पिण्ड को परिक्रमण और परिभ्रमण दोनों गति में बराबर समय लगता है?

गौतम बुद्ध के समय अवन्ति का राजा कौन था?

गौतम बुद्ध के समय अवन्ति का राजा प्रद्योत थे।

गौतम बुद्ध के समय कोशल का राजा कौन था?

गौतम बुद्ध के समय कोशल का राजा प्रसेनजित था।

चन्द्रमा से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में कितना समय लगता है?

चन्द्रमा से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में दो सेकण्ड से कम समय लगता है।

नार्वे में अर्द्धरात्रि के समय सूर्य 21 जून को दिखायी देता है।

पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर 23 घंटे, 56 मिनट, 4 सेकण्ड में पूरा करती है।

पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर कितने समय में पूरा करती है?

पृथ्वी को ठण्डा होने में कितना समय लगा हैं?

पृथ्वी को ठण्डा होने में लगभग 90 लाख वर्ष का समय लगा है।

प्रकाश वर्ष (Light Year) समय का नहीं बल्कि दूरी का मात्रक है।

भारतीय संविधान निर्माण में संविधान सभा को 2 वर्ष, 11 महीने, 18 दिन का समय लगा था।

भारतीय संविधान निर्माण में संविधान सभा को कितना समय लगा था?

भूवैज्ञानिक समय क्या हैं?

भूवैज्ञानिक समय पृथ्वी की कुल जीवन अवधि (अर्थात् 46000 लाघ वर्ष) को कहते है।

मनुष्य के शरीर में हृदय को एक बार धड़कने के लिए कितना समय लगता है?

संगम युग का समय 300 ईसा पूर्व से 300 ईसवी तक था।

संगीत के प्रातः कालीन प्रथम प्रहर का समय कब से कब तक होता है?

संगीत के प्रातः कालीन प्रथम प्रहर का समय सुबह 7 से 10 बजे तक होता है।

संगीत में दिन का तृतीय प्रहर का समय कब से कब तक होता है?

संगीत में दिन का तृतीय प्रहर का समय दोपहर 1 से सायं 4 बजे तक होता है।

संगीत में दिन का द्वितीय प्रहर का समय कब से कब तक होता है?

संगीत में दिन का द्वितीय प्रहर का समय सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक होता है।

संगीत में प्रातः कालीन संधि प्रकाश प्रहर का समय कब से कब तक होता है?

संगीत में प्रातः कालीन संधि प्रकाश प्रहर का समय प्रातः 4 से सुबह 7 बजे तक होता है।

संगीत में रात्रि का तृतीय प्रहर का समय कब से कब तक होता है?

संगीत में रात्रि का तृतीय प्रहर का समय रात्रि 1 से प्रातः 4 बजे तक होता है।

संगीत में रात्रि का द्वितीय प्रहर का समय कब से कब तक होता है?

संगीत में रात्रि का द्वितीय प्रहर का समय रात्रि 10 से रात्रि 1 बजे तक होता है।

संगीत में रात्रि का प्रथम प्रहर का समय कब से कब तक होता है?

संगीत में रात्रि का प्रथम प्रहर का समय रात्रि 7 से रात्रि 10 बजे तक होता है।

संगीत में सायंकालीन संधि प्रकाश प्रहर का समय कब से कब तक होता है?

संगीत में सायंकालीन संधि प्रकाश प्रहर का समय सायं 4 से रात्रि 7 बजे तक होता है।

संसद में ‘प्रश्न काल’ के बाद के समय को ‘शून्य काल’ कहते है।

संसद में दोपहर 12 बजे के बाद के समय को ‘शून्य काल’ कहते है।

सूर्य के गिर्द्ध परिक्रमा करने में बृहस्पति ग्रह अधिकतम समय लेता है।

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