भद्रबाहु

चन्द्रगुप्त मौर्य के जैन गुरु भद्रबाहु थे।

जैन तीर्थंकरों की जीवनी भद्रबाहु द्वारा रचित कल्पसूत्र पुस्तक में है।

जैन तीर्थंकरों की जीवनी भद्रबाहु द्वारा रचित किस पुस्तक में है?

जैन तीर्थंकरों की जीवनी भद्रबाहु द्वारा रचित है।

भद्रबाहु एवं उनके अनुयायियों को ‘दिगम्बर’ कहा गया था।

भद्रबाहु एवं उनके अनुयायियों को क्या कहा गया था?

भद्रबाहु के मगध वापस लौटने पर किसके साथ उनका मतभेद हो गया था?

भद्रबाहु के मगध वापस लौटने पर मगध के साधुओं के साथ उनका मतभेद हो गया था।

भद्रबाहु के वापस लौटने पर मगध के साधुओं से गहरा मतभेद के कारण जैन धर्म कितने सम्प्रदायों में बंट गया था?

भद्रबाहु के वापस लौटने पर मगध के साधुओं से गहरा मतभेद के कारण जैन धर्म दो सम्प्रदायों में बंट गया था।

भद्रबाहु के शिष्य क्या कहलाये?

भद्रबाहु के शिष्य दिगम्बर कहलाये।

भद्रबाहु कौन थे?

भद्रबाहु चन्द्रगुप्त मौर्य के कौन थे?

भद्रबाहु चन्द्रगुप्त मौर्य के गुरु थे।

भद्रबाहु सुप्रसिद्ध जैन आचार्य थे।

मगध में 300 ईसा पूर्व बारह वर्षों के भीषण आकाल के बाद भद्रबाहु अपने शिष्यों सहित कर्नाटक चले गये थे।

मगध में 300 ईसा पूर्व बारह वर्षों के भीषण आकाल के बाद भद्रबाहु अपने शिष्यों सहित कहां चले गये थे?

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